अध्यात्मशहर और राज्य

काशी विश्वनाथ धाम की सुरक्षा एयरपोर्ट जैसी होगी , श्रद्धालु मोबाइल ले जा सकेंगे

काशी विश्वनाथ धाम की सुरक्षा व्यवस्था नए सिरे से तैयार की गई है। एयरपोर्ट की तर्ज पर धाम परिसर में सशस्त्र बल से लेकर बिना हथियार वाले जवानों की तैनाती के लिए कार्ययोजना बनाई गई है। इसके साथ ही काशी विश्वनाथ धाम में आम दर्शनार्थियों और श्रद्धालुओं को मोबाइल के साथ प्रवेश मिलेगा। इसके साथ ही इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सिस्टम के करीब 400 कैमरे गंगा घाट से सड़क तक निगरानी को पुख्ता करेंगे।
विश्वनाथ धाम की सुरक्षा पुख्ता करने के लिए योजना तैयार कर ली गई है। इसमें पूरे धाम को चार भागों में बांटकर अलग-अलग सुरक्षा एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। एयरपोर्ट की तर्ज पर काशी आने वाले पर्यटक अपने पूरे सामान के साथ काशी विश्वनाथ धाम परिसर में प्रवेश करेंगे। इसमें अगले चरण में बैगेज स्कैनर के जरिए सामान जमा कराया जाएगा।
सशस्त्र बलों की तैनाती मंदिर के मुख्य द्वारों से लेकर परिसर तक ही सीमित रहेगी। इसके साथ ही निजी एजेंसी के सुरक्षाकर्मियों की बड़े पैमाने पर तैनाती की जाएगी। काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी परिसर रेड जोन (आंतरिक घेरा) में रहेगा। नई सुरक्षा योजना में मंदिर परिसर बढ़ने के साथ ही रेड जोन का दायरा भी बढ़ जाएगा। नए सिरे से तैयार सुरक्षा व्यवस्था में मोबाइल के साथ प्रवेश की अनुमति के पीछे तर्क दिया गया है कि अब मोबाइल जीवन का अहम अंग है।
धाम में फूड गैलरी से लेकर अन्य सामानों की दुकानें होंगी, ऐसे में बिना मोबाइल के यूपीआई पेमेंट आदि संभव नहीं हो पाएगा। रेड जोन की सुरक्षा केंद्रीय अर्ध सैनिक बल के हाथ में रहेगी। इसके अलावा विश्वनाथ धाम क्षेत्र यलो जोन में और उसके बाहर का क्षेत्र ग्रीन जोन होगा। यलो जोन में तलाशी और भीड़ नियंत्रण की जिम्मेदारी पहले की ही तरह सिविल पुलिस के पास रहेगी। यहां बता दें कि पिछले सप्ताह मुख्य सचिव डीएस मिश्रा और डीजीपी मुकुल गोयल ने काशी विश्वनाथ धाम की सुरक्षा को नए सिरे से तैयार करने का निर्देश दिया था। ऐसे में स्थानीय सुरक्षा समिति ने कार्ययोजना तैयार कर ली है।
24 घंटे काम करेगा आईसीसीएस
धाम परिसर के चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए तैयार किए जा रहे इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सिस्टम (आईसीसीएस) को 400 कैमरों से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही यहां प्रत्येक आठ घंटे की शिफ्ट में पुलिसकर्मी स्क्रीन के जरिए नजर रखेंगे। भीड़ बढ़ने पर यहां से ही उसे कंट्रोल करने के निर्देश भी जारी किए जाएंगे।
काशी विश्वनाथ धाम की सुरक्षा व्यवस्था की योजना बनाई जा रही है। फरवरी तक इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सिस्टम तैयार हो जाएगा। स्थायी समिति की सहमति पर नई व्यवस्था लागू होगी।

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